14 April, 2023

मुझे कुछ भी पसंद नहीं !




 ुझे चांद से कहना है कि

तुम जब मध्य में होते हो

तो मुझे पसंद नहीं;

 

मुझे फूलों से कहना है कि

तुम जब खिल जाते हो

तो मुझे पसंद नहीं;

 

मुझे रंगों से कहना है कि

तुम जब घुल जाते हो

तो मुझे पसंद नहीं;

 

मुझे खुद से कहना है

जब मैं तुम्हारे करीब होता हूँ

तो मुझे कुछ भी पसंद नहीं !


 © महेन्द्र 'आज़ाद'

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